बेहद सुनियोजित पावन मंत्रोच्चार है ज़िन्दगी।
दो पटरियों पर रेंगती भाप वाली रेल नहीं
खुली हवाओं का बहान तेज़ रफ़्तार है ज़िन्दगी।
परदे में छुपकर वार करने की राजनीति नहीं
सुबह की मुलायम धूप का विस्तार है ज़िन्दगी।
दोस्ती के संदेश में रचा दुश्मनी का मायाजाल नहीं
शिशुवत मुस्कान का पवित्र त्यौहार है ज़िन्दगी।