बुधवार, 14 जून 2023

माँ की तीसरी पुण्यतिथि


 


आज फिर से माँ का दिन है। लेकिन क्या कोई दिन ऐसा है जो माँ का दिन न हो? हर दिन बस माँ और माँ और माँ!! पीड़ा के हर इक पल में माँ अमृत की धारा! 

मैं स्पेन आ गई तो बहुत शुरू मे माँ चिट्ठी के रूप में मुझसे मिलने आती थी। यह उनके संपर्क में रहने का ऐसा माध्यम था कि जब मन होता उनके लिखे को हाथ से छू लिया और माँ का प्यार पा लिया! आज भी वही कर रही हूँ! माँ का आशीर्वाद और प्यार यहाँ से मिलता है! साझा कर रही हूँ उनकी चिट्ठी जिसके प्रत्येक शब्द में ममता कूट कूट कर भरी हुई है । कोई इस स्नेह से अछूता रह ही नहीं सकता  

कितना कुछ मन कहना सुनना चाहता है मगर राहें खो गईं हैं। मम्मा आपको मेरा प्यार पहुँचे। 🙏🙏

8 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. यही हाल मेरा था, इसलिए आगे लिख ही नहीं पाई।

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  2. प्यारी ममा💖ढेर सारा प्यार 💞

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  3. Aanke bhar aayi bhabhi
    Der Sara pyar bhabhi ma

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    1. नम आँखों का प्रेम मम्मा तक पहुँच रहा है।

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  4. आह, ये निशानियाँ कहती रहेंगी वात्सल्य मयी कहानियाँ।

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    1. हाँ जी दी, अब ये निशानियाँ ही साथ देती हैं।

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